स्वामी दयानंद सरस्वती (1824–1883)

स्वामी दयानंद सरस्वती ने 19वीं सदी में वेदों के आधार पर सामाजिक और धार्मिक सुधार का मार्ग प्रस्‍तुत किया। उन्होंने मूर्तिपूजा और अंधविश्वास के विरुद्ध, वेदों की प्राचीन शिक्षाओं को फिर से लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया। आर्य समाज की स्थापना का उद्देश्य वेदों के सिद्धांतों पर आधारित शिक्षा, सामाजिक सुधार और जाति-व्यवस्था के दुरुपयोग का विरोध था।

आर्य समाज की मूल बातें

स्थानीय संदर्भ

हमारा यह आर्य समाज मंदिर RPS मोड, दानापुर स्थानीय समुदाय के लिए वैदिक संस्कार और पूजा सेवाएँ प्रदान करता है। इस संस्थान से जुड़े प्रमुख पुरोहितों में पंडित ओम प्रकाश वर्मा (On Prakash Verma) का नाम उल्लेखनीय है।

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